पादासक्ते सुचिरमिह ते वामता कैव कान्ते
सन्मार्गस्थे प्रणयिनि जने कोपने कोऽपराधः ।
इत्थं तस्याः परिजनकथा कोपवेगोपशान्तौ
बाष्पोद्भेदैस्तदनु सहसा न स्थितं न प्रयातम् ॥
पादासक्ते सुचिरमिह ते वामता कैव कान्ते
सन्मार्गस्थे प्रणयिनि जने कोपने कोऽपराधः ।
इत्थं तस्याः परिजनकथा कोपवेगोपशान्तौ
बाष्पोद्भेदैस्तदनु सहसा न स्थितं न प्रयातम् ॥
सन्मार्गस्थे प्रणयिनि जने कोपने कोऽपराधः ।
इत्थं तस्याः परिजनकथा कोपवेगोपशान्तौ
बाष्पोद्भेदैस्तदनु सहसा न स्थितं न प्रयातम् ॥
अन्वयः
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(परिजनः वदति) कान्ते! इह सुचिरम् पाद-आसक्ते (मयि) ते वामता का एव? कोपने! सन्-मार्ग-स्थे प्रणयिनि जने कः अपराधः? इत्थम् तस्याः परिजन-कथा। तदनु कोप-वेग-उपशान्तौ (सत्याम्) बाष्प-उद्भेदैः सहसा न स्थितम् न प्रयातम्।
Summary
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An attendant asks the angry lady: "O beloved, why this contrariness when I am so devoted? O angry one, what fault is there in a lover who is on the right path?" After these words, as her anger subsided, she was overcome by a sudden burst of tears, unable to either stay or leave.
पदच्छेदः
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| पादासक्ते | पाद–आसक्त (७.१) | When I am devoted at your feet |
| सुचिरम् | सुचिरम् | for so long, |
| इह | इह | here, |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| वामता | वामता (१.१) | contrariness, |
| का | किम् (१.१) | what |
| एव | एव | at all (is it), |
| कान्ते | कान्ता (८.१) | O beloved? |
| सन्मार्गस्थे | सत्–मार्ग–स्थ (७.१) | When he is on the right path, |
| प्रणयिनि | प्रणयिन् (७.१) | a loving |
| जने | जन (७.१) | person, |
| कोपणे | कोपणा (८.१) | O angry one, |
| कः | किम् (१.१) | what |
| अपराधः | अपराध (१.१) | is the fault? |
| इत्थं | इत्थम् | Thus |
| तस्याः | तद् (६.१) | was her |
| परिजनकथा | परिजन–कथा (१.१) | attendant's speech. |
| कोपवेगोपशान्तौ | कोप–वेग–उपशान्ति (७.१) | Upon the subsiding of the force of her anger, |
| बाष्पोद्भेदैः | बाष्प–उद्भेद (३.३) | with an outburst of tears, |
| तदनु | तदनु | after that, |
| सहसा | सहसा | suddenly, |
| न | न | neither |
| स्थितं | स्थित (√स्था+क्त, १.१) | staying |
| न | न | nor |
| प्रयातम् | प्रयात (प्र√या+क्त, १.१) | departing (was possible). |
छन्दः
मन्दाक्रान्ता [१७: मभनततगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पा | दा | स | क्ते | सु | चि | र | मि | ह | ते | वा | म | ता | कै | व | का | न्ते |
| स | न्मा | र्ग | स्थे | प्र | ण | यि | नि | ज | ने | को | प | ने | को | ऽप | रा | धः |
| इ | त्थं | त | स्याः | प | रि | ज | न | क | था | को | प | वे | गो | प | शा | न्तौ |
| बा | ष्पो | द्भे | दै | स्त | द | नु | स | ह | सा | न | स्थि | तं | न | प्र | या | तम् |
| म | भ | न | त | त | ग | ग | ||||||||||
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