चिरविरहिणोर् उत्कण्ठार्तिश्लथीकृतगात्रयो-
र्नवमिव जगज्जातं भूयश्चिराद् अभिनन्दतोः ।
कथमपि दिने दीर्घे याते निशामधिरूढयोः
प्रसरति कथा बह्वी यूनोर्यथा न तथा रतिः ॥
चिरविरहिणोर् उत्कण्ठार्तिश्लथीकृतगात्रयो-
र्नवमिव जगज्जातं भूयश्चिराद् अभिनन्दतोः ।
कथमपि दिने दीर्घे याते निशामधिरूढयोः
प्रसरति कथा बह्वी यूनोर्यथा न तथा रतिः ॥
र्नवमिव जगज्जातं भूयश्चिराद् अभिनन्दतोः ।
कथमपि दिने दीर्घे याते निशामधिरूढयोः
प्रसरति कथा बह्वी यूनोर्यथा न तथा रतिः ॥
अन्वयः
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चिर विरहिणोः, उत्कण्ठा आर्ति श्लथीकृत गात्रयोः, चिरात् भूयः अभिनन्दतोः, (ययोः कृते) जगत् नवम् इव जातम्, (तयोः) यूनोः दीर्घे दिने कथम् अपि याते (सति), निशाम् अधिरूढयोः (सतोः), बह्वी कथा यथा प्रसरति, तथा रतिः न (प्रसरति) ।
Summary
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For the young couple, long separated, their limbs weakened by the pain of longing, who were delighting again after a long time and for whom the world seemed new, after the long day somehow passed and night arrived, their conversation flowed much more than their love-making.
पदच्छेदः
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| चिरविरहिणोः | चिरविरहिन् (६.२) | of the two long-separated lovers |
| उत्कण्ठार्ति | उत्कण्ठार्ति | pain of longing |
| श्लथीकृत | श्लथीकृत | weakened |
| गात्रयोः | गात्र (६.२) | whose limbs |
| नवम् | नव (१.१) | new |
| इव | इव | as if |
| जगत् | जगत् (१.१) | the world |
| जातम् | जात (√जन्+क्त, १.१) | became |
| भूयः | भूयस् | again |
| चिरात् | चिरात् | after a long time |
| अभिनन्दतोः | अभिनन्दत् (अभि√नन्द्+शतृ, ६.२) | who were delighting |
| कथमपि | कथमपि | somehow |
| दिने | दिन (७.१) | the day |
| दीर्घे | दीर्घ (७.१) | long |
| याते | यात (√या+क्त, ७.१) | having passed |
| निशाम् | निशा (२.१) | the night |
| अधिरूढयोः | अधिरूढ (अधि√रुह्+क्त, ६.२) | having entered |
| प्रसरति | प्रसरति (प्र√सृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | flows |
| कथा | कथा (१.१) | conversation |
| बह्वी | बह्वী (१.१) | much |
| यूनोः | यूनि (६.२) | of the young couple |
| यथा | यथा | as |
| न | न | not |
| तथा | तथा | so |
| रतिः | रति (१.१) | love-making |
छन्दः
हरिणी [१७: नसमरसलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| चि | र | वि | र | हि | णो | रु | त्क | ण्ठा | र्ति | श्ल | थी | कृ | त | गा | त्र | यो |
| र्न | व | मि | व | ज | ग | ज्जा | तं | भू | य | श्चि | रा | द | भि | न | न्द | तोः |
| क | थ | म | पि | दि | ने | दी | र्घे | या | ते | नि | शा | म | धि | रू | ढ | योः |
| प्र | स | र | ति | क | था | ब | ह्वी | यू | नो | र्य | था | न | त | था | र | तिः |
| न | स | म | र | स | ल | ग | ||||||||||
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