छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | व | प | यः | क | ण | को | म | ल | मा | ल | ती |
| कु | सु | म | सं | त | ति | सं | त | त | स | ङ्गि | भिः |
| प्र | च | लि | तो | डु | नि | भैः | प | रि | पा | ण्डि | माः |
| शु | भ | र | जो | भ | र | जो | ऽलि | भि | रा | द | दे |
| न | भ | भ | र | ||||||||
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