समुद्रपत्न्योर्जलसंनिपाते
पूतात्मनामत्र किलाभिषेकात् ।
तत्त्वावबोधेन विनापि भूय-
स्तनुत्यजां नास्ति शरीरबन्धः ॥
समुद्रपत्न्योर्जलसंनिपाते
पूतात्मनामत्र किलाभिषेकात् ।
तत्त्वावबोधेन विनापि भूय-
स्तनुत्यजां नास्ति शरीरबन्धः ॥
पूतात्मनामत्र किलाभिषेकात् ।
तत्त्वावबोधेन विनापि भूय-
स्तनुत्यजां नास्ति शरीरबन्धः ॥
अन्वयः
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अत्र समुद्र-पत्न्योः जल-संनिपाते अभिषेकात् पूत-आत्मनाम् तनु-त्यजाम् तत्त्व-अवबोधेन विना अपि भूयः शरीर-बन्धः न अस्ति किल।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
समुद्रेति॥ अत्र समुद्रपत्न्योर्गङ्गा-यमुनयोर्जलसंनिपाते संगमेऽभिषेकात् स्नानात् पूतात्मनां तनुत्यजां शुद्धात्मनां पुंसां तत्त्वावबोधेन तत्त्वज्ञानेन विनापि प्रारब्धशरीरत्यागानन्तरं भूयः पुनः शरीरबन्धः शरीरयोगो नास्ति किल। अन्यत्र ज्ञानादेव मुक्तिः, अत्र तु स्नानादेव मुक्तिरित्यर्थथः॥
Summary
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Indeed, for those with purified souls who give up their bodies here after bathing at this confluence of the two rivers (wives of the ocean), there is no further bondage to a body (rebirth), even without the realization of ultimate truth.
सारांश
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इस पवित्र संगम पर स्नान करने वाले और प्राण त्यागने वाले मनुष्य तत्वज्ञान के बिना भी पुनर्जन्म के बंधन से मुक्त हो जाते हैं।
पदच्छेदः
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| समुद्रपत्न्योः | समुद्र–पत्नी (६.२) | of the two wives of the ocean |
| जलसंनिपाते | जल–संनिपात (७.१) | at the confluence of the waters |
| पूतात्मनाम् | पूत–आत्मन् (६.३) | of those with purified souls |
| अत्र | अत्र | here |
| किल | किल | indeed |
| अभिषेकात् | अभिषेक (५.१) | from bathing |
| तत्त्वावबोधेन | तत्त्व–अवबोध (३.१) | with the knowledge of reality |
| विना | विना | without |
| अपि | अपि | even |
| भूयः | भूयस् | again |
| तनुत्यजाम् | तनु–त्यज् (६.३) | for those who give up their bodies |
| न | न | not |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is |
| शरीरबन्धः | शरीर–बन्ध (१.१) | bondage of the body |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | मु | द्र | प | त्न्यो | र्ज | ल | सं | नि | पा | ते |
| पू | ता | त्म | ना | म | त्र | कि | ला | भि | षे | कात् |
| त | त्त्वा | व | बो | धे | न | वि | ना | पि | भू | य |
| स्त | नु | त्य | जां | ना | स्ति | श | री | र | ब | न्धः |
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