अन्वयः
AI
परस्परम् विवदन्तः शत्रवः अपि हित-अर्थाः एव भवन्ति । चौरेण जीवितम् दत्तम्, राक्षसेन तु गो-युगम् दत्तम् ।
Summary
AI
Even enemies prove beneficial when they quarrel among themselves. In such a dispute, the thief saved the Brāhmaṇa's life, while the rākṣasa saved his pair of oxen.
सारांश
AI
आपस में लड़ते हुए शत्रु भी कभी-कभी हितकारी सिद्ध होते हैं। जैसे चोर और राक्षस के आपसी विवाद के कारण ब्राह्मण के प्राण बच गए और बैलों की जोड़ी भी सुरक्षित रही।
पदच्छेदः
AI
| शत्रवः | शत्रु (१.३) | enemies |
| अपि | अपि | even |
| हित-अर्थाः | हित–अर्थ (१.३) | beneficial |
| एव | एव | indeed |
| विवदन्तः | विवदत् (वि√वद्+शतृ, १.३) | disputing |
| परस्परम् | परस्पर | mutually |
| चौरेण | चोर (३.१) | by a thief |
| जीवितम् | जीवित (२.१) | life |
| दत्तम् | दत्त (√दा+क्त, २.१) | given |
| राक्षसेन | राक्षस (३.१) | by a demon |
| तु | तु | and |
| गो-युगम् | गो–युग (२.१) | pair of cows |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श | त्र | वो | ऽपि | हि | ता | र्थै | व |
| वि | व | द | न्तः | प | र | स्प | रम् |
| चौ | रे | ण | जी | वि | तं | द | त्तं |
| रा | क्ष | से | न | तु | गो | यु | गम् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.