अन्वयः
AI
अर्थेन विहीनस्य अल्प-मेधसः पुरुषस्य सर्वाः क्रियाः ग्रीष्मे कुसरितः यथा व्युच्छिद्यन्ते ।
Summary
AI
All actions of a man lacking wealth and of meager intellect dry up, just as small streams perish during the heat of the summer season.
सारांश
AI
धनहीन और कम बुद्धि वाले पुरुष के सभी कार्य और योजनाएँ उसी प्रकार बीच में ही रुक जाती हैं, जैसे ग्रीष्म ऋतु में छोटी नदियाँ सूख जाती हैं।
पदच्छेदः
AI
| अर्थेन | अर्थ (३.१) | undefined |
| च | च | undefined |
| विहीनस्य | विहीन (६.१) | undefined |
| पुरुषस्य | पुरुष (६.१) | undefined |
| अल्प-मेधसः | अल्प–मेधस् (६.१) | undefined |
| व्युच्छिद्यन्ते | व्युच्छिद्यन्ते (वि+उद्√छिद् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | undefined |
| क्रियाः | क्रिया (१.३) | undefined |
| सर्वाः | सर्व (१.३) | undefined |
| ग्रीष्मे | ग्रीष्म (७.१) | undefined |
| कुसरितः | कु–सरित् (१.३) | undefined |
| यथा | यथा | undefined |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | र्थे | न | च | वि | ही | न | स्य |
| पु | रु | ष | स्या | ल्प | मे | ध | सः |
| व्यु | च्छि | द्य | न्ते | क्रि | याः | स | र्वा |
| ग्री | ष्मे | कु | स | रि | तो | य | था |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.