यत्रोत्साहसमारम्भो यत्रालस्यविनिग्रहः ।
नयविक्रमसंयोगस्तत्र श्रीरचला ध्रुवं ॥

अन्वयः AI यत्र उत्साह-समारम्भः यत्र आलस्य-विनिग्रहः नय-विक्रम-संयोगः तत्र श्रीः अचला ध्रुवम् ।
Summary AI Where there is energetic effort, the restraint of laziness, and the union of policy and prowess, there Fortune remains steady and certain.
सारांश AI जहाँ उत्साह, उद्यम, आलस्य का त्याग, नीति और पराक्रम का मेल होता है, वहाँ लक्ष्मी स्थिर रूप से निवास करती है।
पदच्छेदः AI
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उत्साह-समारम्भःउत्साहसमारम्भ (१.१) undefined
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आलस्य-विनिग्रहःआलस्यविनिग्रह (१.१) undefined
नय-विकक्रम-संयोगःनयविक्रमसंयोग (१.१) undefined
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श्रीःश्री (१.१) undefined
अचलाअचल (१.१) undefined
ध्रुवंध्रुवम् undefined
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
त्रो त्सा मा म्भो
त्रा स्य वि नि ग्र हः
वि क्र सं यो
स्त त्र श्री ला ध्रु वं
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