अन्वयः
AI
यः अबलः मद-मोहितः युद्ध-अर्थम् प्रोन्नतम् शत्रुम् याति, सः शीर्ण-दन्तः गजः यथा निवर्तेत ।
Summary
AI
A weak person who, blinded by pride, attacks a powerful enemy for battle will return defeated and broken, like an elephant with shattered tusks.
सारांश
AI
जो निर्बल व्यक्ति घमंड में चूर होकर अपने से बलवान शत्रु पर आक्रमण करता है, वह युद्ध से उसी प्रकार अपमानित होकर लौटता है जैसे टूटे दांतों वाला हाथी।
पदच्छेदः
AI
| अबलः | अबल (१.१) | a weak one |
| प्रोन्नतं | प्रोन्नत (√प्रोन्नत्+क्त, २.१) | very powerful |
| शत्रुं | शत्रु (२.१) | enemy |
| यः | यद् (१.१) | who |
| याति | याति (√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | goes |
| मद-मोहितः | मद–मोहित (१.१) | deluded by arrogance |
| युद्धार्थं | युद्ध–अर्थ (२.१) | for the purpose of battle |
| सः | तद् (१.१) | he |
| निवर्तेत | निवर्तेत (नि+वि√वृत् कर्तरि विधिलिङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | should retreat |
| शीर्ण-दन्तः | शीर्ण–दन्त (१.१) | with broken teeth |
| यथा | यथा | as/like |
| गजः | गज (१.१) | an elephant |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ब | लः | प्रो | न्न | तं | श | त्रुं |
| यो | या | ति | म | द | मो | हि | तः |
| यु | द्धा | र्थं | स | नि | व | र्ते | त |
| शी | र्ण | द | न्तो | य | था | ग | जः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.