अन्वयः
AI
सः पुरुषः न अस्ति यः राज्ञाम् श्रियम् न कामयते अशक्ताः एव सर्वत्र नरेन्द्रम् पर्युपासते ॥
Summary
AI
There is no man who does not desire the royal fortune of kings. It is only those who lack the power to seize it who remain in the service of a monarch.
सारांश
AI
राजलक्ष्मी और ऐश्वर्य की कामना किसे नहीं होती? केवल वे ही लोग राजा की सेवा करते हैं जिनमें स्वयं राजा बनने की शक्ति नहीं होती।
पदच्छेदः
AI
| न | न | not |
| सः | तद् (१.१) | that |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is |
| पुरुषः | पुरुष (१.१) | man |
| राज्ञाम् | राजन् (६.३) | among kings |
| यः | यद् (१.१) | who |
| न | न | not |
| कामयते | कामयते (√कम् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | desires |
| श्रियम् | श्री (२.१) | prosperity |
| अशक्ताः | अशक्त (१.३) | The incapable ones |
| एव | एव | only |
| सर्वत्र | सर्वत्र | everywhere |
| नरेन्द्रम् | नर–इन्द्र (२.१) | the king |
| पर्युपासते | पर्युपासते (परि+उप√आस् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | serve |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | सो | ऽस्ति | पु | रु | षो | रा | ज्ञां |
| यो | न | का | म | य | ते | श्रि | यम् |
| अ | श | क्ता | ए | व | स | र्व | त्र |
| न | रे | न्द्रं | प | र्यु | पा | स | ते |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.