मत्तेभकुम्भपरिणाहिनि कुङ्कुमार्द्रे
तस्याः पयोधरयुगे रतिखेदखिन्नः ।
वक्षो निधाय भुजपञ्जरमध्यवर्ती
स्वप्स्ये कदा क्षणमवाप्य तदीयसङ्गम् ॥
मत्तेभकुम्भपरिणाहिनि कुङ्कुमार्द्रे
तस्याः पयोधरयुगे रतिखेदखिन्नः ।
वक्षो निधाय भुजपञ्जरमध्यवर्ती
स्वप्स्ये कदा क्षणमवाप्य तदीयसङ्गम् ॥
तस्याः पयोधरयुगे रतिखेदखिन्नः ।
वक्षो निधाय भुजपञ्जरमध्यवर्ती
स्वप्स्ये कदा क्षणमवाप्य तदीयसङ्गम् ॥
अन्वयः
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रति-खेद-खिन्नः भुज-पञ्जर-मध्य-वर्ती (अहम्) तदीय-सङ्गम् अवाप्य मत्तेभ-कुम्भ-परिणाहिनि कुङ्कुम-आर्द्रे तस्याः पयोधर-युगे वक्षः निधाय कदा क्षणम् स्वप्स्ये?
Summary
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When will I, exhausted from the fatigue of lovemaking and held within the cage of her arms, find a moment to sleep, placing my chest upon her pair of breasts, which are as expansive as the temples of an intoxicated elephant and moist with saffron?
सारांश
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हाथी के मस्तक के समान उन्नत और केसर से चर्चित उसके स्तनों पर सिर रखकर, उसकी भुजाओं के घेरे में मैं कब अपनी रति-क्रीड़ा की थकान मिटा पाऊँगा।
पदच्छेदः
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| मत्तेभकुम्भपरिणाहिनि | मत्त–इभ–कुम्भ–परिणाहिन् (७.१) | broad as the frontal globes of an intoxicated elephant |
| कुङ्कुमार्द्रे | कुङ्कुम–आर्द्र (७.१) | moist with saffron |
| तस्याः | तद् (६.१) | of her |
| पयोधरयुगे | पयोधर–युग (७.१) | on the pair of breasts |
| रतिखेदखिन्नः | रति–खेद–खिन्न (१.१) | tired from the fatigue of love-making |
| वक्षः | वक्षस् (२.१) | my chest |
| निधाय | निधाय (नि√धा+ल्यप्) | having placed |
| भुजपञ्जरमध्यवर्ती | भुज–पञ्जर–मध्य–वर्तिन् (१.१) | being within the cage of arms |
| स्वप्स्ये | स्वप्स्ये (√स्वप् कर्तरि लृट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | will I sleep |
| कदा | कदा | when |
| क्षणम् | क्षण (२.१) | a moment |
| अवाप्य | अवाप्य (अव√आप्+ल्यप्) | having obtained |
| तदीयसङ्गम् | तदीय–सङ्ग (२.१) | her embrace |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | त्ते | भ | कु | म्भ | प | रि | णा | हि | नि | कु | ङ्कु | मा | र्द्रे |
| त | स्याः | प | यो | ध | र | यु | गे | र | ति | खे | द | खि | न्नः |
| व | क्षो | नि | धा | य | भु | ज | प | ञ्ज | र | म | ध्य | व | र्ती |
| स्व | प्स्ये | क | दा | क्ष | ण | म | वा | प्य | त | दी | य | स | ङ्गम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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