यशः पदाङ्गुष्ठनखौ मुखं च
बिभर्ति पूर्णेन्दुचतुष्टयं या ।
कला चतुःषष्टिरुपैतु वासं
तस्यां कथं सुभ्रुवि नाम नास्याम् ॥
यशः पदाङ्गुष्ठनखौ मुखं च
बिभर्ति पूर्णेन्दुचतुष्टयं या ।
कला चतुःषष्टिरुपैतु वासं
तस्यां कथं सुभ्रुवि नाम नास्याम् ॥
बिभर्ति पूर्णेन्दुचतुष्टयं या ।
कला चतुःषष्टिरुपैतु वासं
तस्यां कथं सुभ्रुवि नाम नास्याम् ॥
अन्वयः
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या सुभ्रूः यशः पद-अङ्गुष्ठ-नखौ मुखं च (इति) पूर्ण-इन्दु-चतुष्टयं बिभर्ति, तस्याम् अस्यां चतुःषष्टिः कला कथं नाम वासं न उपैतु?
Summary
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She who bears a quartet of full moons—her fame, her two big toenails, and her face—how could the sixty-four arts possibly not take up residence in this beautiful-browed lady?
पदच्छेदः
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| यशः | यशस् (२.१) | fame |
| पदाङ्गुष्ठनखौ | पद–अङ्गुष्ठ–नख (२.२) | the two big toenails |
| मुखं | मुख (२.१) | face |
| च | च | and |
| बिभर्ति | बिभर्ति (√भृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | bears |
| पूर्णेन्दुचतुष्टयं | पूर्ण–इन्दु–चतुष्टय (२.१) | a quartet of full moons |
| या | यद् (१.१) | she who |
| कला | कला (१.१) | the arts |
| चतुःषष्टिः | चतुःषष्टि (१.१) | sixty-four |
| उपैतु | उपैतु (उप√इ कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may it approach |
| वासं | वास (२.१) | residence |
| तस्यां | तद् (७.१) | in her |
| कथं | कथम् | how |
| सुभ्रुवि | सुभ्रू (७.१) | in the beautiful-browed one |
| नाम | नाम | indeed |
| न | न | not |
| अस्याम् | इदम् (७.१) | in this one |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | शः | प | दा | ङ्गु | ष्ठ | न | खौ | मु | खं | च |
| बि | भ | र्ति | पू | र्णे | न्दु | च | तु | ष्ट | यं | या |
| क | ला | च | तुः | ष | ष्टि | रु | पै | तु | वा | सं |
| त | स्यां | क | थं | सु | भ्रु | वि | ना | म | ना | स्याम् |
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