Loading data... On slow networks this could take a few minutes.
100%

श्येनपक्षपरिधूसरालकाः
सांध्यमेघरुधिरार्द्रवाससः ।
अङ्गना इव रजस्वला दिशो
नो बभूवुरवलोकनक्षमाः ॥

अन्वयः AI श्येनपक्षपरिधूसरालकाः सांध्यमेघरुधिरार्द्रवाससः दिशः रजस्वलाः अङ्गनाः इव अवलोकनक्षमाः नो बभूवुः ॥
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः) श्येनेति॥ श्येनपक्षा एव परिधूसरा अलका यासां तास्तथोक्ताः। सांध्यमेधा एव रुधिरार्द्राणि वासांसि यासां तास्तथोक्ताः। रजो धूलिरासामस्तीति रजस्वलाः। रजः कृष्यासुतिरपरिषदो वलच् (अष्टाध्यायी ५.२.११२ ) इति वलच्प्रत्ययः। दिशः। रजस्वला ऋतुमत्योऽङ्गना इव। स्याद्रजः पुष्पमार्तवम् इत्यमरः (अमरकोशः २.६.२१ ) । अवलोकनक्षमा दर्शनार्हा नो बभूवुः। एकत्र, -दृष्टिदोषात्, परत्र, -शास्त्रदोषादिति विज्ञेयम्। अत्र रजोवृष्टिरुत्पात उक्तः ॥
Summary AI The quarters of the sky, with dust grey like hawk wings and clouds red like blood, became unfit to be looked at, resembling menstruating women with disheveled hair and blood-stained clothes.
सारांश AI बाजों के पंखों की धूल से मटमैली और संध्याकालीन बादलों की लालिमा से युक्त दिशाएं ऐसी मलिन दिखाई देने लगीं कि वे रजस्वला स्त्रियों की भांति देखने योग्य नहीं रहीं।
पदच्छेदः AI
श्येनपक्षपरिधूसरालकाःश्येन–पक्ष–परि–धूसर–अलक (१.३) with hair grey like hawk wings
सांध्यमेघरुधिरार्द्रवाससःसंध्या–मेघ–रुधिर–आर्द्र–वासस् (१.३) with garments red like evening clouds
दिशःदिश् (१.३) the quarters
रजस्वलाःरजस्–वल (१.३) dusty / menstruating
अङ्गनाःअङ्गना (१.३) women
इवइव like
अवलोकनक्षमाःअव–लोकन (√लोक्+ल्युट्)–क्षम (१.३) fit to be looked at
नोन not
बभूवुःबभूवुः (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) became
छन्दः रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
१ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ १० ११
श्ये न प क्ष प रि धू स रा ल काः
सां ध्य मे घ रु धि रा र्द्र वा स सः
अ ङ्ग ना इ व र ज स्व ला दि शो
नो ब भू वु र व लो क न क्ष माः
र न र ल ग
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.