मन्दस्पन्दरसालसालशिखरक्रीडत्पिकश्रेणिका
कण्ठोदश्चितपञ्चमध्वनिचमत्कारप्रकारस्पृशः ।
कन्दर्पाहवखिन्नकिन्नरवधूकण्ठोन्मिषत्काकली
काकुव्याकुलिता गिरो दिविषदां जीवातवो जज्ञिरे ॥

छन्दः शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९
न्द स्प न्द सा सा शि क्री त्पि श्रे णि का
ण्ठो श्चि ञ्च ध्व नि त्का प्र का स्पृ शः
न्द र्पा खि न्न कि न्न धू ण्ठो न्मि त्का ली
का कु व्या कु लि ता गि रो दि वि दां जी वा वो ज्ञि रे
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.