नवकुवलयदामश्यामलस्निग्धमुग्धं
नलिननयनमाद्यं तत्त्वमालोकयन्तः ।
परिजहुरमरौघाश्चेतसा कार्यभारं
परिजहुरुभये ते पाणिभिः शैलभारम् ॥
नवकुवलयदामश्यामलस्निग्धमुग्धं
नलिननयनमाद्यं तत्त्वमालोकयन्तः ।
परिजहुरमरौघाश्चेतसा कार्यभारं
परिजहुरुभये ते पाणिभिः शैलभारम् ॥
नलिननयनमाद्यं तत्त्वमालोकयन्तः ।
परिजहुरमरौघाश्चेतसा कार्यभारं
परिजहुरुभये ते पाणिभिः शैलभारम् ॥
छन्दः
मालिनी [१५: ननमयय]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | व | कु | व | ल | य | दा | म | श्या | म | ल | स्नि | ग्ध | मु | ग्धं |
| न | लि | न | न | य | न | मा | द्यं | त | त्त्व | मा | लो | क | य | न्तः |
| प | रि | ज | हु | र | म | रौ | घा | श्चे | त | सा | का | र्य | भा | रं |
| प | रि | ज | हु | रु | भ | ये | ते | पा | णि | भिः | शै | ल | भा | रम् |
| न | न | म | य | य | ||||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.