अन्वयः
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तथा कटिभ्रान्तम् च एव, लतावृश्चिकम् एव च, छिन्नम् च करणम्, तथा वृश्चिकरेचितम् प्रोक्तम् (अस्ति)।
Summary
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Kaṭibhrānta, Latāvṛścika, the karaṇa called Chinna, and Vṛścikarecita are also mentioned.
पदच्छेदः
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| कटिभ्रान्तम् | कटि–भ्रान्त (√भ्रम्+क्त, १.१) | Kaṭibhrānta |
| तथा | तथा | Also |
| च | च | and |
| एव | एव | also |
| लतावृश्चिकम् | लता–वृश्चिक (१.१) | Latāvṛścika |
| एव | एव | also |
| च | च | and |
| छिन्नम् | छिन्न (√छिद्+क्त, १.१) | Chinna |
| च | च | and |
| करणम् | करण (१.१) | the karaṇa |
| प्रोक्तम् | प्रोक्त (प्र√वच्+क्त, १.१) | is mentioned |
| तथा | तथा | and |
| वृश्चिकरेचितम् | वृश्चिक–रेचित (१.१) | Vṛścikarecita |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | टि | भ्रा | न्तं | त | था | चै | व |
| ल | ता | वृ | श्चि | क | मे | व | च |
| छि | न्नं | च | क | र | णं | प्रो | क्तं |
| त | था | वृ | श्चि | क | रे | चि | तम् |
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